हिंदी में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) क्यों नहीं है: भूमि-संपदा (विनियमन और विकास) प्राधिकरण
आम तौर पर इसे दैनिक बातचीत और मीडिया में “RERA” कहा और लिखा जाता है।
शब्दावली (हिंदी में मुख्य शब्द):
मुख्य शब्दावली (Key Terms in Hindi):
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RERA Act (RERA अधिनियम): भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016
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Real Estate (रियल एस्टेट): भू-संपदा या अचल संपत्ति
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Promoter/Developer (प्रमोटर/डेवलपर): विकासकर्ता या बिल्डर
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Buyer/Allottee (बायर्स/आलोटी): आवंटी या खरीदार
RERA अधिनियम (RERA अधिनियम) : भूमि-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम २०१६
रियल एस्टेट (रियल एस्टेट): بھو-سمپدا या غیرمنقول جائداد
प्रमोटर/डेवलपर (प्रमोटर/डेवलपर): डेवलपर या बिल्डर
खरीदार/आलोटी (बायर्स/आलोटी): आलोटी या खरीदार
आपके क्षेत्र के संदर्भ में:
और चूंकि आप हरियाणा (गुरुग्राम) से संबंधित हैं, इसलिए यहाँ संबंधित नियामक निकाय HRERA है, अर्थात हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी।
बिना आगे बताए, रियल्टर्स का RERA (RERA – Real Estate Regulatory Authority) एक और सशक्त कानून और प्राधिकरण है, जिसका उद्देश्य भारत के रियल एस्टेट सेक्टर को विनियमित करना है, ताकि उपभोक्ता को बेईमान बिल्डरों और एजेंटों से बचाया जा सके।
यह हिंदी में भूमि-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 है। HRERA (हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के नियम इसमें बहुत सख्त हैं, क्योंकि राज्य देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों में से एक है।
नीचे पूर्ण विवरण दिए गए हैं:
मुख्य उद्देश्य (Key Objectives)
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पारदर्शिता (Transparency): प्रोजेक्ट के लेआउट, अप्रूवल, और पजेशन की तारीख जैसी हर जानकारी पब्लिक डोमेन में लाना।
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जवाबदेही (Accountability): बिल्डर द्वारा प्रोजेक्ट में देरी करने या वादे से मुकरने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना।
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विवादों का समाधान (Grievance Redressal): खरीदारों और प्रमोटर्स/एजेंट्स के बीच के विवादों का जल्द-से-जल्द (फास्ट-ट्रैक) निपटारा करना।
RERA की प्रमुख विशेषताएँ एवं नियम
अनिवार्य रजिस्ट्रेशन (Mandatory Registration): प्रभाव में, 500 वर्ग मीटर (वर्ग मी) से अधिक क्षेत्र में विकसित हो रहे वाणिज्यिक या आवासीय प्रोजेक्ट, या 8 से अधिक अपार्टमेंट/प्लॉट शामिल करने वाले प्रोजेक्ट, बिना RERA पंजीकरण के बाज़ार में विज्ञापित/बेचे नहीं जा सकते।
एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account – 70% Rule): बिल्डरों को खरीदारों द्वारा संग्रहित राशि का 70% एक अलग बैंक खाते (एस्क्रो खाता) में रखना होगा। इसका उपयोग केवल दायित्वों के भुगतान हेतु किया जा सकता है (अर्थात, उसी परियोजना का निर्माण और भूमि की लागतें)। इससे धन का विचलन (पैसे को किसी अन्य परियोजना में लगाना) रुकता है।
कार्पेट क्षेत्र की परिभाषा: बिल्डर अब सुपर एरिया पर मनमाना मूल्य नहीं लगा सकते। किसी संपत्ति में रियल एस्टेट की बिक्री केवल कार्पेट क्षेत्र के आधार पर ही हो सकती है (दीवारों के अंदर का क्षेत्र)।
विलंबित कब्ज़ा दंड: इसका अर्थ है कि यदि बिल्डर द्वारा कब्ज़ा देने में देरी होती है, तो क्रेता को मासिक ब्याज (दंड ब्याज) का भुगतान करना होगा। यह ब्याज भारत के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) + 2% के आसपास/के बराबर निश्चित होता है।
संरचनात्मक दोष दायित्व (5-वर्षीय वारंटी) — यदि कब्ज़ा मिलने के 5 वर्षों के भीतर भवन में कोई संरचनात्मक दोष उत्पन्न होता है, तो बिल्डर को बिना किसी अतिरिक्त लागत के उसे 30 दिनों के भीतर ठीक करने के लिए बाध्य किया जाता है।
रियल एस्टेट एजेंट (वास्तविक एजेंटों हेतु सेवा)
HRERA एजेंट पंजीकरण संख्या के बिना, हरियाणा में कोई भी दलाल या रियल एस्टेट एजेंट RERA के अंतर्गत पंजीकृत किसी भी परियोजना के दलाली या खरीद-बिक्री से संबंधित भी नहीं हो सकता।
एजेंटों के माध्यम से किसी परियोजना के बारे में भ्रामक जानकारी देना या गलत विज्ञापन करना भारी दंड और पंजीकरण रद्द होने का कारण बन सकता है। (हरियाणा में, किसी एजेंट को 5 वर्षों की वैधता के बाद अपने/अपनी पंजीकरण का नवीनीकरण करना आवश्यक है।)
उल्लंघन पर दंड (उल्लंघन करने पर दंड)
RERA में कई दंड और सज़ाएँ हैं, जो उन किसी भी डेवलपर या एजेंट पर लगाई जाती हैं जो नियमों का पालन नहीं करते:
बिना पंजीकरण के किसी परियोजना की बिक्री करने पर दंड: पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित राशि की लागत-आधार पर अधिकतम 10% या कारावास।
गलत सूचना/भ्रामक विज्ञापन देने पर: दंड परियोजना की लागत का 5% होगा।
कैटेगराइजिंग अथॉरिटी के उल्लंघन के रूप में दैनिक दंड: जुर्माना या कारावास
हरियाणा (HRERA) के विशेष संदर्भ में
हरियाणा में काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसके दो अलग-अलग बेंच बनाए गए हैं:
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HRERA Gurugram Bench: यह विशेष रूप से गुरुग्राम जिले के प्रोजेक्ट्स और शिकायतों की देखरेख करता है।
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HRERA Panchkula Bench: यह गुरुग्राम को छोड़कर बाकी पूरे हरियाणा के रियल एस्टेट मार्केट को रेगुलेट करता है।
पोर्टल अपग्रेड: हाल ही में हरियाणा सरकार ने अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम (Grievance Redressal Portal) को और अधिक अपग्रेड किया है ताकि खरीदारों और डेवलपर्स की शिकायतों और प्रोजेक्ट अप्रूवल की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज किया जा सके।
नोट: किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने या उसका प्रचार करने से पहले, खरीदारों और सलाहकारों को haryanarera.gov.in पर जाकर उस प्रोजेक्ट का यूनिक HRERA नंबर और उसकी तिमाही प्रगति रिपोर्ट (QPR) अवश्य चेक कर लेनी चाहिए।
RERA कानून (रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) का अर्थ
RERA के बारे में आपको क्या जानना चाहिए — रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण। इसका हिंदी नाम भूसंपदा (विनियमन और विकास) प्राधिकरण है।
यह क्या है? RERA अधिनियम, 2016 के रूप में बना कानून एक महत्वपूर्ण (माइलस्टोन) विधायी प्रावधान है, जिसे केंद्रीय सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और घर खरीदारों (खरीदारों) के हितों की रक्षा के लिए लागू किया है।
यह उद्देश्य रखता है: बेईमान रियल्टी फर्मों से घर खरीदारों की रक्षा करना, परियोजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करना और खरीदारों तथा प्रवर्तकों (promoters) के बीच शिकायतों का शीघ्र निवारण कराना।
यूपी रेरा यूपी रेरा: ताज़ा खबरें, वीडियो और फोटो | टाइम्स ऑफ इंडिया
यूपी रेरा (यू.पी. रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) इस राज्य में उत्तर प्रदेश में इस कानून को लागू करने और विनियमित करने के लिए बनाई गई है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट up-rera. in है।
यूपी रेरा: मुख्य अपडेट और हालिया नियम
रेरा में बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट्स के खरीदार शिकायत दर्ज कर सकेंगे (10वां संशोधन): बड़ा राहत—अब यूपी रेरा के नए नियमों के तहत खरीदार शिकायत दर्ज कर सकते हैं, भले ही प्रमोटर ने अपने प्रोजेक्ट्स को रेरा में रजिस्टर न किया हो। पहले पंजीकृत प्रोजेक्ट्स की सुनवाई होती थी।
हस्तांतरण और विरासत शुल्क की सीमा: यदि आवंटितकर्ता का निधन हो जाता है, तो संपत्ति को प्रमोटर्स द्वारा अधिकतम ₹1,000 की प्रोसेसिंग फीस के साथ परिवार के सदस्यों के नाम पर स्थानांतरित किया जा सकता है। हालांकि, गैर-परिवार हस्तांतरण के मामलों में इसे ₹25,000 पर सीमित कर दिया गया है।
एजेंट रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा: वर्तमान तीन वर्षों के बजाय, अब रियल एस्टेट एजेंट्स को 10 वर्षों के लिए वैध एक प्रमाणपत्र मिलता है।
यूपी रेरा: यूपी रेरा दो-स्तरीय संरचना है—मुख्य बेंच, लखनऊ में मुख्य कार्यालय और ग्रेटर नोएडा में एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद) के सभी मामलों के लिए क्षेत्रीय कार्यालय।
हिंदी में रेरा अधिनियम पीडीएफ डाउनलोड करें
हिंदी में रेरा अधिनियम और यूपी के नियमों की मूल पीडीएफ फाइलें पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए, नीचे दिए गए आधिकारिक सरकारी लिंक पर क्लिक करें।
यूपी रेरा अधिनियम 2016 (हिंदी): आधिकारिक अधिनियम पीडीएफ डाउनलोड करें
RERA Act PDF in Hindi Download
यदि आप रेरा अधिनियम और उत्तर प्रदेश के नियमों की मूल पीडीएफ फाइलें हिंदी में पढ़ना या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए आधिकारिक सरकारी लिंक्स का उपयोग कर सकते हैं:
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यूपी रेरा एक्ट 2016 (मूल अधिनियम हिंदी में): Download Official Act PDF
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यूपी अपार्टमेंट नियमावली (Apartment Rules हिंदी में): Download Apartment Rules PDF
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यूपी रेरा शिकायत निवारण गाइडलाइन (SOP): Download UP RERA SOP PDF
प्रमोटर्स/डेवलपर्स (प्रोजेक्ट पंजीकरण शुल्क)
इसकी राशि प्रोजेक्ट पर निर्भर करती है: वर्ग मीटर में मकान और भूमि के लिए।
| प्रोजेक्ट का प्रकार | क्षेत्रफल की सीमा | फीस की दर (UP RERA) |
| रेसिडेंशियल (Residential) | 1,000 वर्ग मीटर तक | ₹10 प्रति वर्ग मीटर |
| 1,000 वर्ग मीटर से अधिक | ₹500 प्रति 100 वर्ग मीटर | |
| कमर्शियल (Commercial) | 1,000 वर्ग मीटर तक | ₹20 प्रति वर्ग मीटर |
| 1,000 वर्ग मीटर से अधिक | ₹1,000 प्रति 100 वर्ग मीटर |
B. रियल एस्टेट एजेंट्स के लिए:
व्यक्तिगत एजेंट: ₹25,000 (संकेतात्मक; राज्य के नियमों के अनुसार थोड़े बदलाव की अनुमति है)
निगम (व्यक्ति के अलावा): ₹2,500,000 (प्रकार के अनुसार)
C. शिकायत शुल्क:
नोट: यदि कोई खरीदार बिल्डर के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना चाहता है, तो उसे ऑनलाइन भुगतान गेटवे के माध्यम से पोर्टल पर ₹1,000 का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
खरीदारों के लिए RERA के अनुसार शीर्ष 5 नियम
70% एस्क्रो अकाउंट नियम: बिल्डर बैंक खाते में गृह खरीदारों से प्राप्त राशि का 70% रखता है, जिसका उपयोग केवल उसी प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए किया जाएगा।
केवल कार्पेट एरिया से ही संपत्ति की कीमत तय होगी: आवासीय इकाई की कीमत … कार्पेट एरिया (वास्तविक उपयोगी क्षेत्र) के आधार पर गणना की जाएगी, न कि … सुपर एरिया के आधार पर।
देरी पर ब्याज (MCLR + 2%): बिल्डर को कब्ज़ा देने में देरी के लिए हर महीने ग्राहकों को SBI की सर्वोच्च MCLR दर + 2% के अनुसार ब्याज का भुगतान करने की देनदारी है।
5 वर्ष की गारंटी: यदि बिल्डर आपके कब्ज़ा दिए जाने के 5 वर्षों के भीतर इमारत में उत्पन्न किसी संरचनात्मक दोष का समाधान नहीं करता है, तो इसे बिल्डर को 30 दिनों के भीतर अपने खर्च पर ठीक कराना होगा।
RERA नंबर के बिना कोई प्रोजेक्ट विज्ञापन नहीं – डेवलपर्स RERA पंजीकरण प्राप्त किए बिना अपने प्रोजेक्ट का समाचार पत्रों, होर्डिंग्स और यहां तक कि सोशल मीडिया चैनलों पर भी विज्ञापन नहीं कर सकते।
🏢 सामान्य और बुनियादी FAQs
Q1. हम सबसे पहले संक्षेप में RERA का पूर्ण रूप और यह अस्तित्व में क्यों आया, इस पर नज़र डालेंगे?
अपने उत्तर की व्याख्या करें (वैकल्पिक) कारण: RERA का पूर्ण रूप Real Estate Regulatory Authority (भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण) है। यह अधिनियम रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने तथा बिल्डरों की मनमानी कार्रवाइयों से गृह खरीदारों की रक्षा के लिए बनाया गया था।
Q2. RERA का कानून केवल नए प्रोजेक्ट्स पर लागू होता है या इसमें पुराने (चल रहे) प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं?
यह अधिनियम न केवल सभी नए प्रोजेक्ट्स पर लागू होता है, बल्कि सभी चल रहे (निर्माणाधीन/अपूर्ण) प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होता है — वे जिनके लिए 01 मई 2017 तक स्थानीय प्राधिकरण द्वारा Completion Certificate (CC) या Occupancy Certificate (OC) जारी नहीं किया गया है/उपलब्ध नहीं है — जब यह अधिनियम पूरी तरह लागू हो गया था।
Q3. RERA में पंजीकरण के लिए परियोजना का आकार कितना होना चाहिए?
उत्तर: केवल वाणिज्यिक और आवासीय उपयोग के लिए डिज़ाइन की गई वे परियोजनाएँ जिनका भूमि क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक हो।
या कोई भी परियोजना जिसमें निर्मित किए जाने वाले कुल अपार्टमेंट/फ्लैट/प्लॉट की संख्या 8 के बराबर या उससे अधिक हो।
हालांकि, यदि परियोजना की संख्या इससे कम है, तो राज्य सरकार ने कानून में कोई बदलाव/संशोधन नहीं किया है, तब तक RERA कानूनों के अंतर्गत पंजीकरण आवश्यक नहीं हो सकता।
👥 गृह खरीदारों के लिए प्रश्न (गृह खरीदारों के लिए बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q4. क्या मैं किसी ऐसे प्रोजेक्ट में फ्लैट/प्लॉट बुक कर सकता हूँ जिसके पास रेरा नंबर नहीं है?
उत्तर: नहीं, बिल्कुल नहीं। कोई भी बिल्डर अपने प्रोजेक्ट का विज्ञापन (Advertisement), बुकिंग, या बिक्री (sale) RERA पंजीकरण संख्या (लाइसेंस) के बिना नहीं कर सकता। बिना RERA के किसी प्रोजेक्ट में निवेश करना जोखिम भरा है क्योंकि विवाद का मामला RERA प्राधिकरण द्वारा सुना जाएगा, जो सहायता नहीं कर सकता (हालांकि नए UP RERA नियमों के तहत अनपंजीकृत प्रोजेक्ट्स के बारे में शिकायतें भी सुनी जा रही हैं, लेकिन फिर भी वह वही जोखिम बना रहता है)।
Q5. कारपेट एरिया और सुपर एरिया के अंतर के संबंध में RERA स्पष्ट रूप से बताता है— भुगतान किसके लिए किया जाना है?
उत्तर: कारपेट एरिया = जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह वास्तविक क्षेत्र है जो आपको दीवारों के अंदर मिलता है (वह क्षेत्र जहाँ कारपेट बिछाया जा सकता है)। इसका अर्थ बालकनी या किसी भी सामुदायिक सुविधा से नहीं है।
सुपर एरिया: इसमें कारपेट एरिया + सामान्य क्षेत्रों का अनुपातिक हिस्सा (जिसमें लिफ्ट, लॉबी और पैसेज शामिल हैं) + स्विमिंग पूल शामिल होता है।
RERA नियम: बिल्डर प्रॉपर्टी को केवल कारपेट एरिया के आधार पर ही बेच सकता है। सुपर एरिया का आरोपण करना और उसके लिए अतिरिक्त पैसा वसूलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
Q6. यदि बिल्डर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कब्जा सौंपने में विफल रहता है, तो मेरे कौन से अधिकार बनते हैं?
प्रश्न: आप इस प्रोडक्ट रोडमैप को कितनी जल्दी लागू करने की योजना बना रहे हैं?
निकासी (Withdrawal): आप प्रोजेक्ट छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिल्डर को आपके द्वारा उसके पास रखे गए सभी पैसे—ब्याज सहित—पूरी तरह वापस करने होंगे (SBI की उच्चतम ब्याज दर + 2%)।
प्रोजेक्ट में देरी पर दंडात्मक ब्याज (Penal Interest Stay in Project): यदि आप रहते हैं, तो देरी के प्रत्येक महीने के लिए बिल्डर को आपको एक निश्चित दर पर ब्याज देना होगा (जिसे दंडात्मक ब्याज कहा जाता है), जब तक कब्जा नहीं दिया जाता।
Q7. कब्जा मिलने के बाद, क्या बिल्डर इमारत में किसी भी दोष या दरार के लिए उत्तरदायी हो सकता है?
उत्तर: हाँ। RERA कानून का लाभ: RERA अधिनियम की धारा 14 उपधारा 1 (a) के अनुसार, ‘स्ट्रक्चरल डिफेक्ट लायबिलिटी’—यदि कब्जा लेने की तारीख से 5 वर्षों की अवधि के भीतर, संरचना या परिसर के कार्य में कोई दोष उत्पन्न होता है और वह दोष खराब कारीगरी के कारण संरचनात्मक दोष होता है, तो यह अलग-अलग उपधाराओं के तहत कार्रवाई योग्य अपराध बनता है और बिल्डरों को अपने खर्च पर तीस दिनों के भीतर उस दोष को ठीक करना आवश्यक है; अन्यथा वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
🏗️ बिल्डर/प्रमोटर FAQs
Q8. एस्क्रो खातों के लिए 70% नियम
प्रश्न: क्या प्रमोटर को खरीदारों से प्राप्त राशि जमा करनी होगी?
उत्तर: हाँ, प्रमोटर को खरीदारों से प्राप्त कुल राशि का 70% एक अलग बैंक खाते (Escrow Account) में जमा करना होगा। इन निधियों का उपयोग केवल प्रोजेक्ट के लिए और विशेष रूप से संपत्ति से संबंधित लागत (Land Cost) तथा निर्माण गतिविधियों (Construction) के खर्चों के लिए ही किया जा सकता है। प्रमोटर की अपनी मर्जी के अनुसार इस पैसे को किसी अन्य प्रोजेक्ट में निवेश नहीं किया जा सकता।
Q9. एस्क्रो अकाउंट से पैसा निकालने की प्रक्रिया क्या है?
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उत्तर: प्रमोटर सीधे पैसे नहीं निकाल सकता। निर्माण के अनुपात में पैसा निकालने के लिए उसे तीन पेशेवरों से प्रमाणपत्र (Certificates) लेने होते हैं:
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प्रोजेक्ट इंजीनियर (काम की भौतिक प्रगति के लिए)
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आर्किटेक्ट (डिजाइन और कंस्ट्रक्शन स्टेप के लिए)
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चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) (वित्तीय खर्चों के मिलान के लिए)
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प्रश्न 10. क्या बिना किसी समझौते के खरीदार प्रमोटर से कोई अग्रिम (advance) ले सकता है?
उत्तर: नहीं। RERA Act, 2016 की धारा 13 के अनुसार, कोई भी प्रमोटर किसी अलॉट्टी (खरीदार) से अग्रिम या बुकिंग राशि के रूप में देय कुल राशि के दस प्रतिशत से अधिक की कोई राशि स्वीकार नहीं करेगा, जब तक कि दोनों पक्षों के बीच “Agreement for Sale” (Register) नामक लिखित समझौता न हो।
रियल एस्टेट एजेंट्स के लिए FAQs 💼
प्रश्न 11. प्रश्न: क्या रेरा पंजीकरण रियल एस्टेट ब्रोकर/एजेंट के लिए भी आवश्यक है?
उत्तर: हाँ। कोई भी RERA पंजीकृत प्रोजेक्ट, जिसमें वहाँ किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री या ब्रोकर का काम करना हो, तो संबंधित राज्य Rera Authority के साथ एजेंटों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण संख्या के बिना काम करने पर उन्हें प्रति दिन ₹10,000 तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो संपत्ति की लागत के 5% से अधिक नहीं होगा।
प्रश्न 12. किसी एजेंट के लिए रेरा पंजीकरण की वैधता (Validity) अवधि क्या है?
उत्तर: कई राज्यों में एजेंट पंजीकरण 5 साल के लिए मान्य होता है और फिर इसे नवीनीकृत (renew) करना पड़ता है। लेकिन हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP RERA) द्वारा किए गए संशोधनों के माध्यम से एजेंटों की यह वैधता 10 साल तक बढ़ा दी गई है।
⚖️ शिकायतें & दंड FAQs
Q13. बिल्डर द्वारा की गई धोखाधड़ी: शिकायत कैसे और कहाँ दर्ज करें?
उत्तर: संबंधित राज्य RERA वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें (जैसे UP के लिए up-rera. in और हरियाणा के लिए haryanarera. gov.in)। यह आमतौर पर ₹1,000 के ऑनलाइन शुल्क पर होगा। शिकायत दर्ज करने के बाद यह मामला फास्ट-ट्रैक कोर्ट (निर्णायक अधिकारी) को भेज दिया जाता है।
Q14. RERA के आदेशों का पालन न करने पर बिल्डर को कितने समय तक सजा मिलती है?
उत्तर: यदि प्रमोटर द्वारा Appellate Tribunal द्वारा बनाए गए नियमों या उनके तहत जारी आदेशों में से किसी का उल्लंघन किया जाता है, तो वे 3 साल तक की कारावास की सजा तथा भारी जुर्माने (जो परियोजना लागत का 10% तक हो सकता है) के लिए दंडनीय होंगे, साथ ही किसी को बढ़ावा देना।
परियोजना असली है या नकली? आप स्वयं कैसे सत्यापित कर सकते हैं (ऑनलाइन सत्यापन)
आप किसी भी राज्य के RERA पोर्टल (जैसे हरियाणा या UP) पर जाकर अपना खुद का खोज कर सकते हैं। इन चरणों का पालन करें:
यदि आपको जानकारी नहीं है, तो बस संबंधित राज्य की वेबसाइट पर जाकर उसे देखें (haryanarera. gov.in या up-rera. in)।
Project Registration या Registered Projects का विकल्प चुनें।
यह उस बिल्डर के नाम या उस परियोजना के RERA नंबर का सवाल है जिसे आपने दर्ज किया है।
QPR (Quarterly Progress Report): इसमें आपको यह पता लगाना होगा कि बिल्डर हर 3 महीने में कौन-सा प्रगति रिपोर्ट अपलोड करता है। यदि उन्होंने बैंक प्रमाणपत्र या निर्माण की तस्वीरें अपलोड नहीं की हैं, तो इसका मतलब हो सकता है कि परियोजना में कुछ गड़बड़ है।
लेकिन ये नियम केवल बिल्डर पर ही नहीं बल्कि खरीदार (अलो्टी) पर भी लागू होते हैं!
विक्रेता यह मान सकते हैं कि RERA केवल बिल्डरों पर लागू होता है, और कुछ मामलों में यह सही भी है, लेकिन कानूनी रूप से खरीदारों पर भी दायित्व लागू होते हैं।
समय पर भुगतान: खरीदार को बिल्डर और उसके बीच बिक्री समझौते (Agreement for Sale) के अनुसार समय पर भुगतान करना होगा।
भुगतान में देरी: यदि कोई कमी (shortfall) हो, तो बिल्डर को कब्ज़ा (possession) में देरी के संबंध में बिल्डर द्वारा भुगतान की गई राशि से 2% अधिक ब्याज खरीदार से वसूलने का अधिकार है (SBI MCLR + 2%)।
कब्ज़ा लेना: खरीदार को बिल्डर से Occupation Certificate (OC) मिलने के 2 महीने के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा लेना आवश्यक है।
RERA कोर्ट में ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें Steps
यदि आपका बिल्डर कब्ज़ा नहीं दे रहा है, रिफंड नहीं कर रहा है या वादा किए गए सुविधाएँ (amenities) सेवा में नहीं दे रहा है, तो आप इन तरीकों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
पोर्टल पर लॉग ऑन करें: अपने राज्य की RERA वेबसाइट पर जाएँ, ‘complaints’ पर क्लिक करें या ‘register complaint’ करें।
फॉर्म भरें (परिवार पुनर्मिलन या वर्क वीज़ा के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके अनुसार Form M या Form N):
Form M: यदि आप चाहते हैं कि बिल्डर प्रोजेक्ट पर डिलीवर करे या उन्हें सहयोग करने के लिए तैयार किया जाए।
Form N — यदि आप अपनी भागीदारी समाप्त कर के अपने फंड्स को बदलना/वापस लेना चाहते हैं।
दस्तावेज़ अपलोड: बुकिंग रसीद (booking receipt) की PDF FILE, बिक्री समझौता (Agreement for Sale), बिल्डर को भेजे गए ईमेल, और भुगतान का प्रमाण
शुल्क भुगतान: ऑनलाइन मोड में ₹1,000 का शिकायत शुल्क का भुगतान करें।
सुनवाई: इस चरण में, RERA प्राधिकरण द्वारा दोनों पक्षों को समन जारी किया जाता है और सुनवाई या तो वर्चुअल (ऑनलाइन) या भौतिक मोड में अदालत में आयोजित की जाती है। सामान्यतः 60 से 90 दिनों के भीतर निर्णय जारी किया जाता है (हालांकि मामलों के लंबित होने के कारण यह अवधि कभी-कभी थोड़ा बढ़ भी सकती है)।
क्या RERA द्वारा किए गए निर्णय को चुनौती दी जा सकती है?
RERA का विवादित निर्णय आगे ऊपरी न्यायालयों में चुनौती दिया जा सकता है, यदि आप या आपका बिल्डर उसके आदेश से असंतुष्ट हैं।
और इसे रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल (REAT) यानी रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल कहा जाता है।
यह अपील इस ट्रिब्यूनल में RERA के आदेश पारित होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर दायर करनी होगी।
शर्त: जहाँ RERA ने पहले ही बिल्डर को खरीदार द्वारा भुगतान की गई राशि वापस करने का आदेश दे दिया है, वहाँ ऐसे मामले में अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष जाने से पहले बिल्डर को दंड या रिफंड राशि का 30% – 50% भी अदालत में जमा करना होगा। इससे बिल्डरों को केस को लंबा खींचने से रोका जाता है।
सेशन 5: ⚖️ अधिक उन्नत कानूनी FAQs — जटिल नैतिक एवं नैतिक समस्याएँ और विवाद
Q15. अगर बिल्डर RERA के आदेश के बावजूद भी मेरा रिफंड/ब्याज देने से लगातार मना करता रहे तो क्या होगा?
जवाब के अनुसार: यदि बिल्डर RERA के अंतिम आदेश का पालन नहीं करता है, तो आप जिसे “Execution Petition” (एक्जीक्यूशन पेटिशन) कहा जाता है, उसे दाखिल कर सकते हैं। इसमें RERA प्राधिकरण संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट को “Recovery Certificate” (RC) जारी करेगा। इसके बाद प्रशासन संपत्ति, बैंक खातों या कभी-कभी प्रोजेक्ट को भी बिल्डर से जब्त करके देनदारियों की वसूली करता है।
Q16. क्या RERA के बाद कंज्यूमर कोर्ट या NCLT में जाने की समय-सीमा/विंडो बंद हो गई है?
उत्तर: नहीं। आपका होम बायर सुप्रीम कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों में वित्तीय लेनदार (Financial Creditor) है। इसका मतलब है कि नीचे दिए गए सभी प्लेटफॉर्म से आप जब चाहें संपर्क कर सकते हैं:
RERA : प्रोजेक्ट को पूरा कराने का सुविधाजनक रास्ता या ब्याज सहित रिफंड।
NCDRC/SCDRC: उपभोक्ता न्यायालय, मानसिक प्रताड़ना के लिए प्रतिपूर्ति और मुआवजा
यह बिल्कुल वही जगह है जहाँ बिल्डर पूरी तरह दिवालिया हो चुका है, और कई अलग-अलग खरीदार कंपनी के खिलाफ संयुक्त रूप से दिवालियापन (इन्सॉल्वेंसी) की कार्यवाही शुरू करना चाहते हैं—NCLT (दिवालियापन न्यायालय):
Q17. क्या बिल्डर प्रोजेक्ट की मूल स्वीकृत योजना (Sanctioned Plan) में संशोधन कर सकता है?
उत्तर: नहीं। क्या प्रमोटर अपनी मर्जी से कॉमन एरिया के लेआउट या किसी व्यक्तिगत फ्लैट में बदलाव कर सकता है? उत्तर: नहीं। यदि बिल्डर प्रोजेक्ट की स्वीकृत योजनाओं या विनिर्देशों पर भौतिक/महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली किसी भी वस्तु को पुनर्स्थापित (re-locate), संशोधित (modify) या हटाना (delete) चाहता है, तो RERA की धारा 14 के अंतर्गत ऐसे प्रोजेक्ट के कम से कम दो-तिहाई (2/3) खरीदारों की लिखित सहमति आवश्यक है।
🛠️ प्रोजेक्ट प्रैक्टिकल FAQs
Q18. NOC (Occupancy Certificate – OC) और Completion certificate (Completion Certificate – CC) क्या हैं?
उत्तर: Completion Certificate (CC): यह स्थानीय प्राधिकरण (DTCP, नोएडा अथॉरिटी आदि) द्वारा जारी किया जाता है, जिसमें यह बताया जाता है कि आपका निर्माण स्वीकृत योजनाओं और नियमों के अनुसार किया गया है।
Occupancy Certificate (OC): यह एक कानूनी दस्तावेज है, जो उस अपार्टमेंट/घर के लिए दिया जाता है जिसमें इमारत से पानी, बिजली और सीवेज जैसी सभी बुनियादी सुविधाएँ जुड़ी होती हैं, इसलिए उसे रहने योग्य माना जाता है। RERA के अनुसार, OC के बिना बिल्डर खरीदार को कब्जा (possession) नहीं दे सकता।
Q19. यदि प्रमोटर/बिल्डर बीच में दिवालिया हो जाए या प्रोजेक्ट छोड़ दे और सभी की कमाई लेकर फरार हो जाए, तो क्या होगा?
उत्तर: इस मामले में, RERA को बिल्डर के RERA पंजीकरण को रद्द करने का अधिकार है। इसलिए उसके बाद RERA प्राधिकरण को सभी आवंटियों (खरीदारों के समूह) पर पहला अधिकार होता है। वे चाहें तो किसी अन्य डेवलपर को नियुक्त करके या स्वयं धन लेकर अधूरा प्रोजेक्ट पूरा कर सकते हैं। एस्क्रो खाते में शेष 70% धन का उपयोग इसी उद्देश्य के लिए किया जाता है।
Q20. कानून का एक सामान्य सिद्धांत यह है कि एक प्रमोटर विज्ञापनों के माध्यम से बेची गई या उसके द्वारा उपयोग की गई ब्रोशर से अलग कोई वास्तविक संपत्ति को मनमाने ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सकता।
उत्तर: नहीं। चाहे कोई भी ब्रोशर, विज्ञापन या मॉडल फ्लैट हो (जैसे स्विमिंग पूल, क्लबहाउस या किसी विशेष ब्रांडेड फिटिंग आदि), वे कानून के तहत प्रमोटर पर बाध्यकारी होते हैं। यदि वास्तविक प्रोजेक्ट उस अनुरूप नहीं है, तो खरीदार इसकी शिकायत RERA में “गलत प्रस्तुति/मिसरिप्रेजेंटेशन” के लिए कर सकता है और मुआवज़े का मामला भी दायर कर सकता है।
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Q21. त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR): यह क्या है, खरीदारों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
प्र: RERA पोर्टल पर प्रमोटरों को प्रोजेक्ट की स्थिति को कितनी बार अपडेट करना होता है? उत्तर – RERA दिशानिर्देशों के अनुसार, हर प्रमोटर को अपने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति को RERA पोर्टल पर हर तीन महीने (तिमाही) में एक बार अपडेट करना अनिवार्य है। इसमें शामिल होता है:
कितने अपार्टमेंट आरक्षित किए गए हैं।
निर्माण कितनी प्रगति पर है (तस्वीरों सहित)।
– कितना धन निकाला गया है और वह कहाँ खर्च किया जा रहा है। यह खरीदारों को घर बैठे यह जांचने में मदद करता है कि उनका प्रोजेक्ट समय पर चल रहा है या नहीं।
आप नीचे किसी भी विषय के बारे में पूछ सकते हैं, या अपनी समस्या साझा कर सकते हैं —
शिकायत कैसे दर्ज करें? यह मार्गदर्शन अक्टूबर 2023 तक के डेटा पर आधारित है। (UP RERA या Haryana RERA पोर्टल पर प्रक्रिया का मार्गदर्शन)
Q: RERA रिफंड के नियम क्या हैं? (यदि आप किसी प्रोजेक्ट से बाहर निकलना चाहते हैं और ब्याज सहित अपने पैसे का पूरा मूल्य वापस पाना चाहते हैं)
प्रोजेक्ट की स्थिति कैसे जांचें? (RERA पंजीकरण संख्या एलॉट्टी (खरीदार) क्या करता है? (यदि खरीदार समय पर भुगतान नहीं करता है, तो कौन-सा उपाय लागू किया जा सकता है)
RERA कानून और रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण का अर्थ
शुरू करने से पहले: RERA का फुल फॉर्म क्या है {RERA Full form}
रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण। हिंदी में “रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) प्राधिकरण”।
यह क्या है? यह एक मील का पत्थर साबित होने वाला कानून है, जिसे केंद्रीय सरकार (RERA अधिनियम, 2016) द्वारा लागू किया गया है, ताकि रियल एस्टेट क्षेत्र में होने वाली कदाचार/दुर्व्यवहार की गतिविधियों को उजागर किया जा सके, और साथ ही होम-बायर्स के हितों (खरीदारों) की सुरक्षा हो सके।
इसका उद्देश्य बिल्डरों की मनमानी और मनचाही शर्तों पर रोक लगाना, परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और खरीदार-प्रमोटर विवादों का शीघ्र समाधान करना है।
हिंदी में Www UP RERA समाचार (अपडेट्स 2026)
इस कानून के कार्यान्वयन और विनियमन के लिए, उत्तर प्रदेश में UP RERA (U.P. रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) का गठन किया गया है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट up-rera.in है।
UP RERA: बड़ी खबरें और नए नियम
राहत मिलना फिर भी उससे बड़ी बात उन प्रोजेक्ट्स पर जिनका कोई पंजीकरण नहीं है (10वाँ बदलाव): UP RERA द्वारा जारी नियमों के नए सेट उन प्रोजेक्ट्स से संबंधित अनिश्चितता/गड़बड़ी को कम करते हैं, जिन्हें अब तक RERA के जरिए पंजीकृत नहीं किया गया है। पहले केवल वे ही प्रोजेक्ट्स स्वीकार किए जाते थे जो पंजीकृत थे।
स्थानांतरण और उत्तराधिकार शुल्क पर सीमा: आवंटितकर्ता की मृत्यु की घटना में परिवार के सदस्यों के नाम पर स्थानांतरण होने की स्थिति में, प्रोमोटर प्रक्रिया के लिए ₹1,000 से अधिक न होने वाला शुल्क ले सकता है। गैर-परिवार स्थानांतरणों के लिए इसे ₹25,000 तक सीमित कर दिया गया है।
एजेंट पंजीकरण अवधि: वास्तविक संपत्ति एजेंटों के पंजीकरण प्रमाणपत्र अब अधिकतम 10 वर्षों तक वैध होंगे, जो पिछली अवधि की तुलना में बहुत बड़ा उछाल है। एजेंट पहले अधिकतम दस वर्षों के लिए पंजीकृत हो सकता था।
UP RERA के दो मुख्य कार्यालय होंगे—एक लखनऊ स्थित और दूसरा NCR क्षेत्र के लिए (जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद के सभी मामले शामिल होंगे)।
यहाँ RERA अधिनियम और उत्तर प्रदेश के नियमों के लिए हिंदी में PDF फाइलें पढ़ने या डाउनलोड करने हेतु आधिकारिक सरकारी लिंक दिए गए हैं।
UP RERA Act 2016 (Hindi: मूल अधिनियम): आधिकारिक अधिनियम पीडीएफ़ डाउनलोड
Download Apartment Rules PDF | हिंदी में अपार्टमेंट नियम
Download UP RERA SOP PDF | UP RERA Grievance Redressal Guidelines (SOP)
RERA पंजीकरण शुल्क (RERA Registration fees)
जबकि परियोजनाओं की गणना अलग से की जाती है, एजेंटों के लिए पंजीकरण शुल्क भी RERA के अंतर्गत आते हैं। शुल्क संरचना निम्नानुसार है, उत्तर प्रदेश (UP RERA) के नियमों के अनुसार:
A. प्रोमोटर्स/डेवलपर्स (प्रोजेक्ट पंजीकरण शुल्क)
शुल्क परियोजना के प्रकार और भूमि क्षेत्र (वर्ग मीटर में) पर आधारित होता है:
आज तक की अवधि के लिए, शुल्क दर (UP RERA) प्रोजेक्ट प्रकार | क्षेत्र सीमा |
आवासीय: ≥1,000 वर्ग मीटर | ₹10/वर्ग मीटर
आवासीय — 1,000 से अधिक वर्ग मीटर (प्रति 100 वर्ग मीटर ₹500)
वाणिज्यिक: 1000 वर्ग मीटर तक | ₹20 प्रति वर्ग मीटर
वाणिज्यिक: >1000 वर्ग फीट | ₹1,000 प्रति 100 वर्ग फीट
B. वास्तविक संपत्ति एजेंटों के लिए:
व्यक्तिगत एजेंट: 25,000 (लगभग; राज्य नियम के अनुसार छोटे बदलाव हो सकते हैं। Awake.)
संस्था/कंपनी के लिए (व्यक्ति के अलावा): ₹2,500,000.00 (प्रकार के अनुसार);
C. शिकायत शुल्क:
पोर्टल पर ऑनलाइन मोड (Payment Gateway) के माध्यम से किसी भी खरीदार के विरुद्ध शिकायत (Complaint) दाखिल करते समय बिल्डर को ₹1,000 का भुगतान करना होगा।
खरीदारों के लिए RERA के तहत नई नियम: 5 सबसे महत्वपूर्ण
70% एस्क्रो खाता नियम: बिल्डर उस परियोजना के लिए समर्पित एक अलग बैंक खाते में ग्राहकों से एकत्रित धनराशि का 70% बनाए रखेगा।
कार्पेट क्षेत्रफल: संपत्ति की कीमत कार्पेट क्षेत्रफल (जिसका वास्तव में उपयोग किया जा सकता है) के आधार पर होगी, न कि सुपर क्षेत्रफल पर।
विलंबित कब्जे के लिए ब्याज (MCLR + 2%): यदि बिल्डर कब्जा देने में देरी करता है, तो उसे ग्राहकों को हर महीने SBI के सबसे ऊँचे MCLR के 1.5 गुना के साथ 2% के बराबर ब्याज का भुगतान करना होगा।
5-वर्षीय वारंटी — यदि कब्जे के 5 वर्षों के भीतर भवन में कोई संरचनात्मक दोष उत्पन्न होता है, तो बिल्डर को उसे 30 दिनों के भीतर अपने खर्च पर ठीक करना होगा।
RERA नंबर के बिना कोई विज्ञापन नहीं: RERA के तहत पंजीकरण संख्या के बिना कोई परियोजना डेवलपर द्वारा समाचार पत्रों और होर्डिंग्स के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी विज्ञापित नहीं की जा सकती।